कोरोना के डर को लेकर भी जरूरी है:इम्यूनिटी

कोरोना के डर को लेकर भी जरूरी है इम्यूनिटी

हमारी भावनाएं संवेदनाएं एक दूसरे से प्रभावित होती हैं,इसलिए हम हैं,सामाजिक प्राणी।पर यदि आप इन दिनों परिवेश में फैल रहे डर के प्रभाव में आकर परेशान हो रहे हैं तो बिना भय के इसका सामना करें डर के प्रति भी आपको अपनी इम्युनिटी मजबूत करनी होगी।यह सही नहीं कि आप दिन भर सोशल मीडिया या फेसबुक-इंस्टाग्राम और टि्वटर स्क्रॉल करते रहें,और खुद को डर की चपेट में लाकर चुपके से बड़े खतरे पैदा कर ले डर एक शक्तिशाली भाव है।पर ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप इस पर विजय प्राप्त नहीं कर सकते हैं।आपको पता है डर हमारे लिए एक हद तक बेहद जरूरी चीज है। किसी भी संकट में आप उससे लड़ने के लिए तैयार रहते हैं,हां!आप पर यह हावी होने लगे तो इससे बचने की पहल भी खुद करनी होगी।
        कोशिश करें कि डर पर आप हावी हो जाएं उसके प्रतिभाओं को कम से कम करें आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन सा तरीका है जिसकी मदद से आप डर को खत्म कर सकते हैं बेशक कई तरीके हैं कुछ लोग को आपने देखा होगा जो लोग दूसरे लोगों की मदद करते हैं या कल्याणकारी कार्यों में संलग्न है ऐसे लोग समान वातावरण में रहकर भी भयमुक्त महसूस करते हैं।
   हमारे मन के दो हिस्से हैं एक जो डर से परेशान है इससे ज्यादा नहीं सोच पाता और दूसरा अपने मूल्यों नियत,नेक कार्य, बुद्धि और करुणा आदि भावों के कारण खुद को भय से ऊपर मानता है इस कोलाहल भरे परिवेश में जब आपको समझ में ना आए कि आप क्या हैं तो दो काम करें पहला खुद से सवाल करें कि इस संकट भरे समय में भी मुझे क्या बनाना है वह ग्रस्त बने रहना या मन के दूसरे हिस्से को महसूस करना यानी अपने मूल अपनी नियत पर भरोसा रखना है दूसरा उक्त सवाल से आपको जो जवाब मिल रहा है उन्हें लिख ले कुछ ही समय में आप देखेंगे कि घर पर काबू हो रहा है आप समझ पाएंगे कि मन में डर का जो संक्रमण हो चुका है उसके पर एक रक्षात्मक ढाल बन गया है फल अतः आप अधिक चुस्त और एकाग्र महसूस करेंगे खुद से जुड़ा बढ़ता जाएगा इस समय हमें इन्हीं चीजों की जरूरत है

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